“करणी सेना का बड़ा एक्शन: भोपाल जिला अध्यक्ष आशु सिंह बर्खास्त, नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी के आरोप”


भोपाल: करणी सेना से जुड़े एक बड़े विवाद में संगठन ने सख्त कदम उठाते हुए भोपाल के जिला अध्यक्ष पद से आशु सिंह को हटा दिया है। यह कार्रवाई गंभीर धोखाधड़ी के आरोपों के बाद की गई है, जिनमें उन पर संगठन के सदस्यों और आम लोगों को सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगने का आरोप है।

जानकारी के अनुसार, आशु सिंह पहले भी एक बड़े मामले में आरोपित रह चुके हैं। कोविड-19 महामारी के दौरान उन्होंने दतिया मेडिकल कॉलेज में सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर करीब 300 लोगों से पैसे वसूले थे। इस मामले में उनके खिलाफ कार्रवाई हुई थी और उन्हें जेल भी जाना पड़ा था।

बताया जा रहा है कि जेल से बाहर आने के बाद आशु सिंह ने कथित रूप से गलत तरीके से करणी सेना में  प्रवेश किया और संगठन के नाम का इस्तेमाल कर लोगों को सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा देकर धोखाधड़ी करना शुरू कर दिया। आरोप है कि उन्होंने खुद को प्रभावशाली पदाधिकारी बताकर कई सदस्यों और अन्य लोगों से रकम ली।

इस पूरे मामले के सामने आने के बाद करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राज शेखावत ने सख्त रुख अपनाते हुए आधिकारिक पत्र जारी किया है। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि आशु सिंह का संगठन से अब कोई संबंध नहीं है और उन्हें तत्काल प्रभाव से सभी पदों से निष्कासित कर दिया गया है।

संगठन ने अपने बयान में कहा है कि किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी या गलत गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि वे नौकरी दिलाने के नाम पर किए जाने वाले ऐसे दावों से सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना संबंधित अधिकारियों को दें।

यह मामला एक बार फिर दर्शाता है कि बेरोजगारी और कठिन समय का फायदा उठाकर कुछ लोग धोखाधड़ी करने से नहीं चूकते, ऐसे में सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।

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