‘द सौरभ निगम शो’ के नए एपिसोड में पारस सरीन और साहिल जुनेजा ने बिज़नेस, नए आइडिया और उद्यमिता पर खुलकर बात की। बातचीत के दौरान पारस ने अपने नए रियल एस्टेट प्रोजेक्ट का भी ज़िक्र किया, जिसमें उनके मुताबिक 100 वर्ग गज का प्लॉट करीब 5 लाख रुपये में उपलब्ध कराया जा रहा है।
आज के दौर में पॉडकास्ट पर बिज़नेस की चर्चा अक्सर सफलता के तयशुदा फॉर्मूले, मोटिवेशन और लंबे-चौड़े ज्ञान तक सीमित हो जाती है। लेकिन द सौरभ निगम शो का नया एपिसोड इस मामले में थोड़ा अलग नज़र आता है।
इस बार सौरभ निगम के साथ बातचीत की मेज़ पर मौजूद थे उद्यमी पारस सरीन और साहिल जुनेजा। एपिसोड की खासियत यह रही कि बिज़नेस जैसे गंभीर विषय पर चर्चा होने के बावजूद बातचीत कहीं भी भारी या बनावटी महसूस नहीं होती।
पारस ने रिटेल की दुनिया से जुड़े अपने अनुभवों, चाय लीला से अपने जुड़ाव और नए कारोबारी विचारों पर खुलकर बात की। इसी दौरान बातचीत का एक दिलचस्प हिस्सा उनके नए रियल एस्टेट प्रोजेक्ट को लेकर सामने आया।
पारस के मुताबिक, वह एक ऐसा प्रोजेक्ट लेकर आ रहे हैं जिसमें 100 वर्ग गज का प्लॉट लगभग 5 लाख रुपये में उपलब्ध कराने की योजना है।
रियल एस्टेट की बढ़ती कीमतों के बीच यह दावा स्वाभाविक रूप से ध्यान खींचता है। हालांकि किसी भी संपत्ति में निवेश से पहले उसकी लोकेशन, कानूनी स्वीकृतियां, मालिकाना हक, विकास की स्थिति और अन्य दस्तावेजों की स्वतंत्र जांच जरूरी होती है।
लेकिन इस घोषणा ने बातचीत को एक नया मोड़ जरूर दिया और यह दिखाया कि पारस खुद को किसी एक बिज़नेस तक सीमित रखने के मूड में नहीं हैं।
सवाल कम, बातचीत ज्यादा
एपिसोड की दूसरी दिलचस्प बात इसका अंदाज़ है।
सौरभ निगम पारंपरिक इंटरव्यू की तरह लगातार सवालों की सूची पढ़ते दिखाई नहीं देते। कई जगह बातचीत इतनी सहज हो जाती है कि कैमरा और माइक्रोफोन लगभग बैकग्राउंड में चले जाते हैं।
साहिल जुनेजा की मौजूदगी इस केमिस्ट्री को और दिलचस्प बनाती है। कभी बिज़नेस की गंभीर चर्चा, कभी हंसी-मजाक और कभी एक-दूसरे की बात पर तुरंत प्रतिक्रिया — एपिसोड कई जगह पॉडकास्ट से ज्यादा तीन दोस्तों के बीच चल रही बेबाक बातचीत जैसा महसूस होता है।
यही शायद सौरभ की होस्टिंग की सबसे मजबूत बात भी बनकर सामने आती है।
वह मेहमानों से जवाब निकलवाने के लिए बातचीत पर अनावश्यक दबाव नहीं डालते। इसके बजाय उन्हें अपनी बात पूरी करने का समय देते हैं और सही मौके पर अपने ह्यूमर और सहज प्रतिक्रिया से माहौल हल्का कर देते हैं।
कैमरे पर भी मजबूत मौजूदगी
सौरभ की होस्टिंग के साथ उनकी स्क्रीन प्रेज़ेंस भी इस एपिसोड में ध्यान खींचती है।
फिटनेस, सधी हुई बॉडी लैंग्वेज और कैमरे के सामने सहज आत्मविश्वास उन्हें एक अलग विज़ुअल पहचान देता है। दिलचस्प बात यह है कि उनकी मजबूत स्क्रीन प्रेज़ेंस मेहमानों पर हावी होने के बजाय बातचीत को एक स्पष्ट केंद्र देती है।
आज जब पॉडकास्ट सिर्फ सुने नहीं बल्कि बड़े पैमाने पर YouTube, Reels और Shorts के जरिए देखे भी जाते हैं, तब होस्ट की विज़ुअल पर्सनैलिटी किसी शो की पहचान बनाने में अहम भूमिका निभाती है।
सौरभ इस पहलू को समझते हुए दिखाई देते हैं।
पारस की कहानी में जुड़ा नया अध्याय
रिटेल से लेकर चाय के बिज़नेस और अब रियल एस्टेट की तरफ बढ़ते कदम तक, पारस की बातचीत यह संकेत देती है कि उनकी उद्यमिता किसी एक सेक्टर तक सीमित नहीं है।
वहीं साहिल बातचीत को गंभीर बिज़नेस इंटरव्यू बनने से रोकते हैं और कई मौकों पर एपिसोड में सहज हास्य जोड़ते हैं।
तीनों की अलग-अलग पर्सनैलिटी मिलकर इस एपिसोड को उसका असली चरित्र देती है।
शायद यही द सौरभ निगम शो की उभरती हुई पहचान भी है — यहां मेहमान अपनी कहानी बताने आते हैं, लेकिन उन्हें ऐसा महसूस नहीं कराया जाता कि वे किसी औपचारिक इंटरव्यू में बैठे हैं।
पारस कहानी लेकर आते हैं, साहिल बातचीत में अपना रंग जोड़ते हैं और सौरभ ऐसा माहौल तैयार करते हैं जिसमें बिज़नेस की गंभीर बातें भी दोस्तों की बातचीत जैसी सहज लगने लगती हैं।
और इस बार उस बातचीत से निकली सबसे बड़ी खबर है — पारस सरीन का रियल एस्टेट की दुनिया में नया कदम और 100 वर्ग गज के प्लॉट को करीब 5 लाख रुपये में उपलब्ध कराने की उनकी योजना।
अगर यह प्रोजेक्ट अपने वादे और जरूरी कानूनी मानकों पर खरा उतरता है, तो पारस की कारोबारी यात्रा में यह एक और दिलचस्प अध्याय साबित हो सकता है।

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